ग्राम पंचायत राजगढ में उपस्वास्थ्य केंन्द्र पर डेढ़ साल से लगा ताला, ग्रामीण परेशान




करैरा। अनुविभाग के अन्तर्गत आने वाला ग्राम पंचायत राजगढ उपस्वास्थ्य केंद्र डेढ़ साल से बन्द पड़ा होने से ग्रामीण परेशान है। स्थिति यह हो रही है कि मामूली बिमारियों के लिए ग्रामीणों को करैरा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र या फिर झोलाछाप डाक्टरो कि शरण में जाना पड़ता है ग्रामीणों द्वारा बताया गया है कि गांव के लोग स्वास्थ्य संबंधी जानकारी व सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं। उप स्वास्थ्य केन्द्र राजगढ में दो एएनएम पदस्थ हैं दोनों में से एक भी नही आ रही है उपस्वास्थ्य केंन्द्र के दरबाजे के आगे राहगीरों द्वारा घूरे डाल दिये हैं। पहले यहाँ पर पदस्थ मनोरमा यादव थी जो नियमित मरीजो का उपचार करती थी बे रिटायरमेन्ट हो चुकी हैं। उनकी जगह पर दो एएनएम पदस्थ हैं लेकिन डेढ़ साल से उपस्वास्थ्य केंन्द्र में ताला लगा रहता है जिसकी शिकायत कई बार करैरा बीएमओ से कर चुके हैं लेकिन शिकायत का आज तक कोई समाधान नहीं हुआ है। 

यहाँ पर अनुमान लगाया जा सकता है कि राजगढ उपस्वास्थ्य केंद्र न खुलने का कारण गांव में गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर नहीं मिल रही है। ग्रामीणों ने बताया कि उपस्वास्थ्य केंन्द्र की प्रभारी के न आने की शिकायत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से भी कर चुके हैं।
ग्रामीणों ने माग की है कि एएनएम इन दोनों में से किसी एक को नियमित रूप से पदस्थ किया जाये तो राजगढ उपस्वास्थ्य केंन्द्र समय-समय पर मरीजो का उपचार हो सकें आज कल गर्भवती महिलाओं एवं आँगनबाड़ी केन्द्रों की भी दुर्दशा खराब बनी हुई है न तो समय पर टीकाकरण हो रहा है और न मरीजो का उपचार राजगढ गांव की जनता दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं इसलिए अब वह करैरा बीएमओ से बीनती के रूप में कह रहे हैं। कि हमारी सुनों साहब राजगढ उपस्वास्थ्य केंन्द्र पर कोई ऐसी प्रभारी भेजो जो नियमित सुविधाओं के साथ उपस्वास्थ्य केंन्द्र को खोला जाए।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एक कंम्पाउंडर के भरोसे चल रहा है

वही दूसरी ओर करैरा अनुविभाग के अन्तर्गत आमोलपठा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर पदस्थ डाँक्टर सुनील कुमार जैन है जहाँ बीएमओ द्वारा करैरा में रखे हुए हैं और यहा आमोलपठा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजो का ठीक से उपचार नहीं हो पा रहा है जहाँ पर एक कंम्पाउंडर के भरोसे चल रहा है दो नर्स पदस्थ हैं लेकिन करैरा में रहतीं हैं जब कभी मन बना लिया तो आ जाती है न तो करैरा में ही निवास करती रहती हैं। आमोलपठा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में  डाँक्टर न होने के कारण मरीजो को झोलाछाप की शरण में जाना पड रहा है।

इनका कहना है..... 

उपस्वास्थ्य केंन्द्र राजगढ का ताला डेढ़ साल से नहीं खुला है मेरी पंचायत के मरीजो के साथ खिलवाड़ हो रहा है कब तक ऐसा चलेगा इसका कोई पता नहीं लग पा रहा है राजगढ उपस्वास्थ्य केंन्द्र पर दो एएनएम पदस्थ की गई हैं दोनों में से एक भी नहीं आ रही हैे डेढ़  साल से उपस्वास्थ्य केंन्द्र में ताला लगा हुआ है मरीजो का उपचार नहीं हो पा रहा है न अभी तक दोनों के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही भी नहीं की गई।
कलिया आदिवासी, ग्राम पंचायत सरपंच राजगढ

रात के समय में जब घर के सदस्य को अचानक से बुखार आता है जब हमको बहुत परेशान हो जाते हैं क्योंकि या तो करैरा जाना पड़ता है या फिर सूती कपड़ा पानी में भिजो कर माथे पर डाल देते हैं
लखन विश्वकर्मा, ग्रामीण राजगढ 


कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन राजगढ उपस्वास्थ्य केंन्द्र की किसी भी स्वास्थ्य अधिकारीयों ने इस ग्राम की सुध नहीं ली गई है।
जगतसिह परिहार, ग्रामीण राजगढ

क्या कहते है जिम्मेदार.... 

मेरे संज्ञान में राजगढ उपस्वास्थ्य केंन्द्र  का मामला कुछ महीनों पहले सामने आया था और वहा पर पहले एक एएनएम प्रीती सैन पदस्थ थी जबकि एक और एएनएम को भेज दिया है वहां पर दो नर्स पदस्थ हैं इसके बावजूद अगर राजगढ उपस्वास्थ्य केंन्द्र पर ताला लगा रहता है तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी
प्रदीप शर्मा, बीएमओ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र करैरा

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